बीकानेर। यहाँ के इंजीनियरिंग के छात्रों ने ऐसा करिश्मा कर दिखाया है जिसे देखकर न सिर्फ आपका सिर गर्व से ऊँचा हो जाएगा, बल्कि आप यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि “अरे, ये तो वही ड्रोन है जिसका मैंने सपना देखा था!” जी हाँ, बीकानेर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज ने प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक ऐसा अनोखा फायर फाइटिंग ड्रोन बनाया है, जो सिर्फ आग ही नहीं बुझाएगा, बल्कि किसानों की फसलों की हिफाज़त भी करेगा और जरूरत पड़ने पर आसमान से लोगों को संदेश भी सुना सकता है!
‘टेक्नोलॉजी के जादूगर’ ने कम खर्च में रच दिया इतिहास
भारत सरकार की TEQIP-3 स्कीम के तहत मिले एक प्रोजेक्ट ने इस हैरतअंगेज ड्रोन को जन्म दिया। मैकेनिकल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 21 लाख रुपये का फंड मिला था। यहाँ है मजेदार बात: जो ड्रोन बाजार में 40 लाख रुपये का आने वाला था, उसे हमारे होनहार इंजीनियरों ने अपनी सूझ-बूझ और मेहनत से महज 18 लाख रुपये में तैयार कर दिखाया! यानी कॉलेज के छात्रों ने न सिर्फ तकनीक सीखी, बल्कि करोड़पति बनने का एक शॉर्टकट फॉर्मूला भी ढूंढ लिया (हँसी)।
ये ड्रोन है जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स! देखिए इसकी शानदार खूबियाँ
यह कोई आम ड्रोन नहीं है, बल्कि एक फुल-पैकेज डेथ स्टार है (बस इतना डरावना नहीं दिखता)। डॉ. सिंह के मुताबिक, यह ड्रोन:
- 5 KM तक की दूरी तक उड़ान भर सकता है।
- 10 KG की फायर फाइटिंग बॉल्स ले जाकर 15 मिनट तक हवा में रहते हुए 20-25 वर्गमीटर में फैली आग को पलक झपकते ही ठंडा कर सकता है।
- इसमें लगे थर्मल और IoT कैमरे आग की वास्तविक स्थिति की सटीक जानकारी देते हैं, ताकि यह बिना किसी ड्रामे के सीधे आग के दिल पर हमला करे।
- अगर यह आपके सिर के ऊपर से गुजरते हुए कोई संदेश बोलने लगे, तो घबराएं नहीं! इस पर एक स्पीकर भी लगा है, जिससे आपदा के समय लोगों तक जरूरी सूचना पहुँचाई जा सकती है।
- यही नहीं, अगर टिड्डी दल आपके खेतों पर ‘पार्टी’ करने का प्लान बना रहा है, तो यह ड्रोन 2 एकड़ में कीटनाशक छिड़ककर उनकी पार्टी को स्पॉयल करने का काम भी कर सकता है!
सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि शोध और रोजगार की नई उड़ान

यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक ड्रोन बनाने तक सीमित नहीं है। इसने छात्रों के लिए शोध और नवाचार के नए दरवाजे खोल दिए हैं। इससे छात्रों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग मिल रही है, जिससे वे भविष्य में इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह से तैयार होंगे और उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सीधे शब्दों में कहें तो, यह ड्रोन उनके करियर को भी नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला है!
कृषि से लेकर स्मार्ट सिटी तक: इस ड्रोन का है व्यापक उपयोग
इस स्वदेशी ड्रोन की खासियत है इसकी versatility (बहुमुखी प्रतिभा)। यह सिर्फ आग बुझाने या कीटनाशक छिड़कने तक ही सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल कृषि निगरानी, भूमि सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन में राहत सामग्री पहुँचाने, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, इमारतों का निरीक्षण और यहाँ तक कि आपका पार्सल डिलीवर करने तक में हो सकता है! अब इंतज़ार कीजिए उस दिन का जब आपको ई-कॉमर्स वाला कोई ड्रोन आपके घर की छत पर पार्सल फेंककर चला जाएगा!
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):
1. इस ड्रोन की कीमत और इस पर आने वाला खर्चा कितना है?
इस ड्रोन को बनाने में कुल 18 लाख रुपये की लागत आई है, जबकि बाजार में इसी स्पेसिफिकेशन का एक ड्रोन लगभग 40 लाख रुपये में मिलता। इस तरह इस प्रोजेक्ट ने करोड़ों का पैसा बचाया है।
2. यह ड्रोन आग बुझाने के अलावा और क्या-क्या काम कर सकता है?
यह एक बहुत ही बहुमुखी ड्रोन है। यह आग बुझाने, कीटनाशक छिड़कने, लोगों तक संदेश पहुँचाने, राहत सामग्री डिलीवर करने और सर्वेक्षण जैसे कई काम एक साथ करने में सक्षम है।
3. क्या इस ड्रोन को बनाने वाले छात्रों को भविष्य में इससे कोई फायदा मिलेगा?
बिल्कुल! इस प्रोजेक्ट के जरिए छात्रों को ड्रोन टेक्नोलॉजी की हाथों-हाथ ट्रेनिंग मिल रही है, जो उन्हें भविष्य में इंडस्ट्री के लिए तैयार करेगी और उनके प्लेसमेंट के chances (अवसर) कई गुना बढ़ा देगी।





