हुंडई ने एक ऐसा महत्वाकांक्षी प्लान पेश किया है जो उसे इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की दुनिया का ‘बादशाह’ बना सकता है! कंपनी ने एलान किया है कि वह 2030 तक 18 से ज्यादा हाइब्रिड मॉडल्स लॉन्च करेगी, जिसमें उसका लग्जरी ब्रांड जेनेसिस भी शामिल है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार के लिए एक खास तोहफा तैयार है: पहली ऐसी इलेक्ट्रिक कार जिसे खासतौर पर भारतीय सड़कों और भारतीय ड्राइवरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। यानी, अब EV भी ‘देशी स्वाद’ में मिलेगी!
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप सोच रहे थे कि हुंडई सिर्फ नई गाड़ियों के डिजाइन पर ही ध्यान दे रही है, तो आपको बता दें कि कंपनी असल में भविष्य के लिए एक बड़ा और मजबूत रोडमैप तैयार कर रही है। हुंडई ने खुलासा किया है कि वह साल 2030 तक 18 से ज्यादा हाइब्रिड कारों की एक पूरी फौज लॉन्च करने जा रही है। इस लिस्ट में उसका प्रीमियम ब्रांड जेनेसिस (Genesis) भी शामिल है, जिसका मतलब है कि लग्जरी सेगमेंट में भी हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा।
इसी कड़ी में, कंपनी अपनी एडवांस्ड TMED-II हाइब्रिड तकनीक के साथ Hyundai Palisade जैसे बड़े SUV का हाइब्रिड वर्जन भी ला सकती है, जो माइलेज के मामले में एक नया बेंचमार्क सेट करेगा।
भारत के लिए खास है प्लान
हुंडई ने भारतीय बाजार को लेकर एक बहुत बड़ी और रोमांचक योजना का खुलासा किया है। कंपनी देश की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक कार लाने जा रही है जिसे विशेष रूप से ‘लोकल ड्राइवर्स’ यानी भारतीय ग्राहकों की पसंद, जरूरतों और सड़कों के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। इसका सीधा सा मतलब है कि यह कार न सिर्फ ज्यादा सुविधाजनक होगी, बल्कि इसकी कीमत भी काफी किफायती और ‘दिल के करीब’ होगी। यह कार हुंडई की ‘मेक इन इंडिया’ रणनीति का एक अहम हिस्सा साबित होगी।
क्या एक चार्ज में चलेगी दिल्ली से मुंबई?
हुंडई ‘एक्सटेंडेड रेंज EVs’ (EREVs) पर भी जोर-शोर से काम कर रही है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से कंपनी ऐसी इलेक्ट्रिक कारें बना सकती है जो सिर्फ एक बार चार्ज करने पर लगभग 960 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी! यानी, अगर आप दिल्ली से मुंबई का सफर करना चाहें, तो बीच में कहीं भी चार्जिंग के लिए रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी (बशर्ते ट्रैफिक साथ दे 😉)। इन कारों में छोटी और किफायती बैटरी का इस्तेमाल होगा, ताकि गाड़ी की कीमत पर ज्यादा असर न पड़े और ‘रेंज एंग्जाइटी’ नाम की चीज हमेशा के लिए गायब हो जाए।
टेक्नोलॉजी और निवेश पर जोर
हुंडई सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स (SDVs), AI की मदद से आवाज नियंत्रण और स्वायत्त ड्राइविंग (Autonomous Driving) और एक नए Pleasure इंफोटेनमेंट सिस्टम पर भी काम कर रही है। बैटरी टेक्नोलॉजी में नवाचार से लागत में 30% तक की कमी आने का अनुमान है और एडवांस्ड फायर-प्रिवेंशन सिस्टम से सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाया जाएगा।
लग्जरी ब्रांड जेनेसिस 2026 में अपने Magma Racing सब-ब्रांड के साथ मोटरस्पोर्ट में एंट्री करेगा और 2030 तक 3,50,000 वाहनों की सालाना बिक्री का लक्ष्य रखा है। इस योजना को पूरा करने के लिए हुंडई ने 2026 से 2030 के बीच लगभग ₹4.7 लाख करोड़ रुपये (KRW 77.3 ट्रिलियन) के भारी निवेश की पुष्टि की है, जो R&D, भविष्य की तकनीकों और अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग पर केंद्रित होगा।

आपके पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या हुंडई की भारत के लिए बन रही नई EV वाकई में ‘सस्ती’ होगी?
हुंडई ने जिस ‘लोकल डिजाइन’ की EV की बात की है, उसका मकसद निश्चित रूप से भारतीय ग्राहकों के लिए एक किफायती और प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक कार पेश करना है। ‘सस्ती’ शब्द रिलेटिव है, लेकिन यह कार उनकी मौजूदा EVs जैसे IONIQ 5 या Kona Electric के मुकाबले ज्यादा अफोर्डेबल होने की उम्मीद है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे खरीद सकें।
2. क्या 960 KM की रेंज वाली EV सच में आ पाएगी?
जी हां! हुंडई ‘एक्सटेंडेड रेंज इलेक्ट्रिक व्हीकल’ (EREV) टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जो एक छोटी बैटरी और एक ऑन-बोर्ड जनरेटर का इस्तेमाल करती है। यह जनरेटर बैटरी को चार्ज करता रहता है, जिससे वाहन की ओवरऑल रेंज बढ़कर 960 किमी तक हो सकती है। यह टेक्नोलॉजी अभी डेवलपमेंट के स्टेज में है, लेकिन भविष्य में इसे लॉन्च करने की पूरी संभावना है।
3. क्या हुंडई की हाइब्रिड कारें भारत में भी लॉन्च होंगी?
हुंडई के ग्लोबल प्लान में 18+ हाइब्रिड मॉडल्स शामिल हैं। भारत जैसा बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार निश्चित रूप से इस रणनीति का एक हिस्सा होगा। हालांकि, कंपनी कौन-से specific हाइब्रिड मॉडल्स भारत में लाएगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह भारत सरकार की उद्योग नीतियों और ग्राहकों की डिमांड पर भी निर्भर करेगा।





